नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला एवं बाल विकास विभाग के दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करेंगे। सम्मेलन में देशभर से महिला एवं बाल विकास क्षेत्र से जुड़े राजनीतिक प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर साझा प्राथमिकताओं पर प्रभावी ढंग से काम करना और योजनाओं के परिणामों में सुधार लाना है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह विभागीय शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला का दूसरा सम्मेलन है। इन सम्मेलनों के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करने, विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव साझा करने तथा जमीनी स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों का समाधान तलाशने पर जोर दिया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास से जुड़े इस सम्मेलन में चार प्रमुख विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। इनमें बेहतर पोषण और प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों को नए स्वरूप में विकसित करना प्रमुख विषय है। इसके अलावा कमजोर और संवेदनशील परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी विचार किया जाएगा।
सम्मेलन में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े संस्थागत और कानूनी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। साथ ही प्रमुख सरकारी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने और उनके परिणामों में सुधार के माध्यम से महिलाओं के सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों से जुड़े विभिन्न हितधारक महिला एवं बाल विकास क्षेत्र की प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे। इस दौरान राज्यों में लागू की जा रही अच्छी कार्यप्रणालियों और सफल पहलों को साझा करने का अवसर भी मिलेगा। इससे विभिन्न राज्यों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार करने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा योजनाओं को जमीन पर लागू करने में सामने आ रही चुनौतियों की पहचान कर उनके समाधान पर विचार किया जाएगा। बेहतर शासन व्यवस्था और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्रवाई को लेकर भी सहमति बनाने का प्रयास होगा। सम्मेलन के समापन सत्र में प्रधानमंत्री का संबोधन महिला एवं बाल विकास से जुड़ी प्राथमिकताओं और केंद्र-राज्य सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण दिशा प्रदान करेगा।







