नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वायु सेना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना के कर्मियों के साहस, समर्पण और प्रतिबद्धता को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश को अपने वायु सैनिकों पर गर्व है और भारतीय आसमान की सुरक्षा में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश जारी कर कहा कि भारत अपने वायु सैनिकों के साहस और प्रतिबद्धता को सलाम करता है। उन्होंने देश की हवाई सीमाओं की सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।
वायु सेना दिवस भारतीय वायु सेना की स्थापना की स्मृति में मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हवाई प्रदर्शन और अन्य समारोहों के माध्यम से भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता, तकनीकी दक्षता और आधुनिक सैन्य तैयारियों को प्रदर्शित किया जाता है। कार्यक्रमों में सेवारत कर्मियों के साथ पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की भी भागीदारी रहती है।
भारतीय वायु सेना देश की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है। हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के अलावा इसकी जिम्मेदारियों में हवाई श्रेष्ठता बनाए रखना, रणनीतिक एयरलिफ्ट, निगरानी और टोही अभियान शामिल हैं। आवश्यकता पड़ने पर वायु सेना मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
भारतीय वायु सेना की स्थापना ब्रिटिश काल में हुई थी। स्वतंत्रता के बाद इस बल ने अपनी संरचना और क्षमताओं में लगातार विस्तार किया और आधुनिक सैन्य विमानन बल के रूप में विकसित हुआ। वर्तमान में इसकी परिचालन क्षमता में लड़ाकू विमान, परिवहन विमान, हेलीकॉप्टर, मानवरहित प्रणालियां तथा आधुनिक वायु रक्षा और निगरानी उपकरण शामिल हैं।
वायु सेना दिवस देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वायु सैनिकों को याद करने का अवसर भी है। इस मौके पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है और उनके परिवारों के योगदान को भी सम्मान दिया जाता है।
प्रधानमंत्री के संदेश में भारतीय वायु सेना की युद्धक भूमिका के साथ-साथ मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसे अभियानों में उसके योगदान को भी रेखांकित किया गया। वायु सेना दिवस पर देश ने अपने वायु योद्धाओं के साहस, अनुशासन और सेवा भावना के प्रति सम्मान व्यक्त किया।







