नयी दिल्ली: अगर आप हर महीने मोबाइल रिचार्ज कराते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल कम करते हैं, तो भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नए नियम आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। खासतौर पर उन ग्राहकों को इन बदलावों से राहत मिल सकती है, जो मोबाइल का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS के लिए करते हैं।
दरअसल, टेलीकॉम कंपनियों के कई रिचार्ज प्लान 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ आते हैं। ग्राहक भले ही इसे एक महीने का रिचार्ज समझते हों, लेकिन 28 दिन की वैलिडिटी के कारण सालभर में उन्हें 12 के बजाय कई बार 13 रिचार्ज कराने पड़ सकते हैं। इससे मोबाइल खर्च बढ़ जाता है।
TRAI के नए नियमों के तहत टेलीकॉम कंपनियों को केवल वॉयस कॉलिंग और SMS की सुविधा वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर उपलब्ध कराने होंगे। इसका उद्देश्य उन ग्राहकों को अलग विकल्प देना है, जिन्हें मोबाइल डेटा की आवश्यकता नहीं होती। साथ ही, डेटा का इस्तेमाल नहीं करने वाले ग्राहकों पर अनावश्यक खर्च का बोझ कम करने के लिए इन प्लान की कीमतों में आनुपातिक कमी का प्रावधान भी किया गया है।
30 दिन की वैलिडिटी का विकल्प भी अहम
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई ग्राहक हर 28 दिन में 300 रुपये का रिचार्ज कराता है, तो उसे सालभर में लगभग 13 बार रिचार्ज कराना पड़ सकता है। वहीं, 30 दिन की वैलिडिटी वाला प्लान उपलब्ध होने पर साल में 12 रिचार्ज से काम चल सकता है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि TRAI ने सभी मोबाइल रिचार्ज को 30 दिन का अनिवार्य नहीं किया है। नए नियमों का उद्देश्य ग्राहकों की जरूरत के अनुसार वॉयस और SMS आधारित प्लान उपलब्ध कराना है।
इस मुद्दे को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भी सार्वजनिक रूप से उठाया था। उन्होंने 12 मार्च को 28 दिन की रिचार्ज वैलिडिटी और बिना डेटा वाले ग्राहकों के लिए अलग प्लान की आवश्यकता पर चर्चा की थी।
इन बदलावों से बुजुर्गों, कम इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों, वाई-फाई पर निर्भर रहने वाले ग्राहकों और दूसरे SIM का इस्तेमाल केवल कॉलिंग या OTP के लिए करने वालों को लाभ मिल सकता है।
अब ग्राहकों की नजर Jio, Airtel और Vi पर है कि वे नए नियमों के तहत अपने Voice-SMS-only प्लान किस कीमत और वैलिडिटी के साथ पेश करते हैं।







