बिहार में मानसून कमजोर, बगहा में तटबंध टूटा; बाढ़ का खतरा बरकरार
Monsoon weak in Bihar; embankment breaches in Bagaha; flood threat persists.

पटना: बिहार में मानसून अब कमजोर पड़ता नजर आ रहा है, लेकिन राज्य के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 3 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि, बारिश में कमी के कारण अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम में बदलाव के बीच पटना समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल सामान्य स्थिति रहने के आसार हैं। राजधानी पटना में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना कम बताई जा रही है। दिन के तापमान में बढ़ोतरी के चलते उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

GNSU Admission Open 2026

बगहा में तटबंध टूटा, NH-727 पर पहुंचा पानी

एक ओर बारिश का दौर कमजोर पड़ रहा है, वहीं पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में गंडक नदी के बढ़ते दबाव ने बाढ़ की आशंका बढ़ा दी है। खैरटवा के पास चंवरण तटबंध टूटने से नदी का पानी तेजी से निचले इलाकों की ओर फैलने लगा है। पानी राष्ट्रीय राजमार्ग-727 (NH-727) तक पहुंच गया है, जिससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ है।

तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासन और अभियंताओं की टीम मौके पर पहुंच गई। क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। वहीं, आसपास के गांवों में पानी फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

स्थानीय स्तर पर जलस्तर और पानी के फैलाव की निगरानी की जा रही है, ताकि प्रभावित इलाकों में आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

बारिश कम, लेकिन नदियों का दबाव बरकरार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। इसके बावजूद नदियों के जलस्तर और तटबंधों पर बढ़ते दबाव के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी है।

बिहार में फिलहाल मौसम और बाढ़ की स्थिति अलग-अलग चुनौतियां पेश कर रही हैं। जहां तापमान बढ़ने से गर्मी और उमस परेशान कर सकती है, वहीं गंडक नदी के आसपास के इलाकों में जलभराव और आवागमन बाधित होने की आशंका बनी हुई है।