पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महान शिक्षाविद, समाज सुधारक और मानवतावादी ईश्वर चंद्र विद्यासागर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शिक्षा के प्रसार, महिला शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में विद्यासागर के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में कहा कि ईश्वर चंद्र विद्यासागर का समर्पित जीवन समाज के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। उन्होंने कहा कि विद्यासागर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम माना और समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का कार्य किया।
सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक सुधार के लिए विद्यासागर के प्रयासों का भारतीय समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ा। उन्होंने शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ महिलाओं के अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को भी मजबूती से उठाया।
ईश्वर चंद्र विद्यासागर का जन्म 26 सितंबर 1820 को पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिले के बीरसिंह गांव में हुआ था। वे शिक्षाविद, लेखक और समाज सुधारक के रूप में 19वीं सदी के भारत के प्रमुख व्यक्तित्वों में शामिल रहे।
विद्यासागर ने महिला शिक्षा के प्रसार और विधवा पुनर्विवाह के समर्थन के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए। उनके सामाजिक सुधार आंदोलनों ने तत्कालीन समाज में व्याप्त कई रूढ़ियों और कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि शिक्षा और सामाजिक सुधार के प्रति विद्यासागर की प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देती रहेगी। इस अवसर पर उनके विचारों और समाज सुधार के कार्यों को याद किया गया।







