भारत-जीसीसी बैठक में व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर जोर
Focus on trade and energy cooperation at India-GCC meeting

नयी दिल्ली: भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के बीच मंत्रीस्तरीय बैठक में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ता को आगे बढ़ाने और 2024-28 की संयुक्त कार्ययोजना के तहत सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के नेतृत्व में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से इतर हुई बैठक में जीसीसी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और जीसीसी के बीच कुल व्यापार 178.66 अरब डॉलर रहा।

GNSU Admission Open 2026

बैठक में भारत-जीसीसी संयुक्त कार्ययोजना 2024-28 की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके तहत व्यापार एवं निवेश, खाद्य सुरक्षा, परिवहन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, संस्कृति और शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई।

दोनों पक्षों ने इस वर्ष फरवरी में भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते के लिए नियम और दायरा तय होने के बाद शुरू हुई वार्ता का स्वागत किया। माना गया कि एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने और निर्यात में विविधता लाने के अवसर बढ़ सकते हैं।

डॉ. जयशंकर ने पश्चिम एशिया में हाल के संघर्ष के दौरान ऊर्जा और उर्वरक की आपूर्ति बनाए रखने के लिए खाड़ी देशों का आभार जताया। बैठक में अक्षय ऊर्जा, जैव ईंधन और हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा पश्चिम एशिया की स्थिति, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार, स्थिरता और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों ने अगली भारत-जीसीसी रणनीतिक संवाद बैठक जल्द आयोजित करने पर भी सहमति व्यक्त की।