पारसनाथ पर्वत विवाद के समाधान के लिए उच्चस्तरीय समिति की मांग
Demand for a high-level committee to resolve the Parasnath mountain dispute

रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल ने पारसनाथ पर्वत पर जैन और आदिवासी समाज से जुड़े धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पारंपरिक अधिकारों के मुद्दे के समाधान के लिए केंद्र सरकार से उच्चस्तरीय संवाद और समन्वय समिति गठित करने की मांग की है।

अग्रवाल ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सभी पक्षों के बीच संवाद के माध्यम से स्थायी समाधान की पहल करने का आग्रह किया है। पारसनाथ पर्वत जैन समुदाय के लिए महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है, जबकि स्थानीय आदिवासी समुदाय की भी इस क्षेत्र से धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं जुड़ी हैं।

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उन्होंने कहा कि संवेदनशील मुद्दे का समाधान किसी एक पक्ष की धार्मिक या सांस्कृतिक भावनाओं की अनदेखी करके नहीं, बल्कि आपसी संवाद, संवैधानिक व्यवस्था और सभी समुदायों की आस्थाओं एवं अधिकारों के सम्मान के साथ किया जाना चाहिए।

अग्रवाल ने प्रस्तावित समिति में जैन समाज, आदिवासी समाज, झारखंड सरकार, स्थानीय प्रशासन और विषय विशेषज्ञों के प्रतिनिधियों को शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि समिति को पारसनाथ पर्वत की धार्मिक पवित्रता के संरक्षण के साथ स्थानीय आदिवासी समाज की पारंपरिक और सांस्कृतिक मान्यताओं तथा वैधानिक अधिकारों पर भी विचार करना चाहिए।

उन्होंने पर्वत और आसपास के क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय स्वरूप के संरक्षण, दोनों समुदायों के बीच नियमित संवाद की व्यवस्था तथा पर्यटन एवं विकास गतिविधियों के लिए ऐसी नीति बनाने की मांग की, जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रह सकें।

पारसनाथ पर्वत को लेकर धार्मिक और पर्यावरणीय पहलुओं पर पहले भी न्यायिक एवं सरकारी स्तर पर कदम उठाए गए हैं। झारखंड हाईकोर्ट ने 2025 में केंद्र और राज्य सरकारों को संबंधित पर्यावरणीय एवं संरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

अग्रवाल ने गृह मंत्री से इस विषय पर शीघ्र पहल कर सभी संबंधित पक्षों की सहमति से स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने का आग्रह किया, ताकि पारसनाथ की धार्मिक गरिमा, सांस्कृतिक परंपराओं, पर्यावरण और सामाजिक सौहार्द का संरक्षण हो सके।