After Kharge's rally, Congress attacks the 'purification' controversy, calling the FIR against Rahul Gandhi an example of anti-Dalit thinking.

नयी दिल्ली: कांग्रेस ने उत्तराखंड में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के मामले में कार्रवाई नहीं होने और इस मुद्दे को उठाने वाले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने को लेकर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा है।

उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी सैलजा ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि खरगे की जनसभा के बाद कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन इस घटना का विरोध करने वाले राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही भाजपा सरकार का न्याय है।

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सैलजा ने आरोप लगाया कि पहले कथित ‘शुद्धिकरण’ किया गया, फिर उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष ने इसका सार्वजनिक रूप से बचाव किया और जब राहुल गांधी ने दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की मांग की तो उलटे उन्हीं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।

उन्होंने इसे भाजपा-आरएसएस की दलित विरोधी और संविधान विरोधी मानसिकता का गंभीर उदाहरण बताते हुए कहा कि राहुल गांधी ने वही मुद्दा उठाया है, जिसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे संसद में भी उठा चुके हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस घटना से खरगे को छुआछूत का एहसास हुआ और उनका अपमान हुआ।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में ‘शुद्धिकरण’ पर सवाल उठाने, दलित सम्मान की बात करने और संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठाने पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।

सैलजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुकदमों के डर से राहुल गांधी या कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। कांग्रेस इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से लड़ाई जारी रखेगी और दलित सम्मान तथा संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी।