नयी दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण त्योहारों से पहले आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। खरगे ने चीनी के घटते भंडार, आयात और एथनॉल नीति को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे हैं।
खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि भारत दुनिया के प्रमुख चीनी उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है, इसके बावजूद देश में चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति क्यों बनी और सरकार को चीनी का निर्यात रोकने तथा करीब 10 लाख टन चीनी को शुल्क-मुक्त आयात करने की जरूरत क्यों पड़ी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमतों में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि त्योहारों से पहले चीनी जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु महंगी होने से आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ रही है।
खरगे ने एथनॉल उत्पादन नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब देश में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हो रही है और सरकार को विदेश से चीनी आयात करनी पड़ रही है, तब गन्ने और अनाज का इस्तेमाल E20 पेट्रोल के लिए एथनॉल उत्पादन में करने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार की आत्मनिर्भर भारत की नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले चीनी उत्पादन में कमी आई, फिर स्टॉक कई वर्षों के निचले स्तर पर पहुंचा और अब आयात की जरूरत पड़ रही है।
उन्होंने केंद्र सरकार से त्योहारों से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों पर तत्काल कदम उठाने और E20 नीति के प्रभावों की समीक्षा करने की मांग की। खरगे ने कहा कि सरकार को आम जनता पर पड़ रहे महंगाई के असर को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।







