जमुई: बिहार के जमुई जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मासूम बच्चियों की अनजाने में हुई एक छोटी सी गलती ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। जानकारी के अनुसार, खैरा प्रखंड के गम्हरिया गांव में चार सहेलियों ने सड़क पर पड़ी सल्फास की गोली को चॉकलेट समझकर खा लिया। इस घटना में एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया गया कि शुक्रवार दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद चारों बच्चियां घास काटने के लिए गांव के बहियार की ओर गई थीं। सभी बच्चियां उत्क्रमित मध्य विद्यालय, गम्हरिया की छात्राएं हैं।
बहियार के पास एक पुल पर बैठने के दौरान उनकी नजर सड़क पर पड़े एक कागज में लिपटे पदार्थ पर पड़ी। बच्चियों ने उसे चॉकलेट समझ लिया और आपस में बराबर-बराबर बांटकर खा लिया। कुछ देर बाद सभी बच्चियां अपने-अपने घर लौट गईं। शाम होते-होते उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें लगातार उल्टियां होने लगीं। परिजनों ने जब इसकी वजह पूछी तो बच्चियों ने सड़क पर मिली वस्तु खाने की बात बताई। इसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजन तत्काल सभी बच्चियों को इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन एक बच्ची की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया।
गंभीर रूप से बीमार बच्ची की पहचान महेश ठाकुर की 12 वर्षीय पुत्री संजना कुमारी के रूप में हुई। हालांकि, परिजन उसे पटना ले जाने के बजाय एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं अन्य तीन बच्चियां भारती कुमारी, लवली कुमारी और शबनम कुमारी का इलाज जारी है। डॉक्टरों की निगरानी में उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार, समय पर उपचार मिलने के कारण उनकी हालत में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे गम्हरिया गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जहरीले पदार्थों के सुरक्षित निपटान, जागरूकता अभियान चलाने और बच्चों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।







