रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वंदे मातरम् को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयानों पर पलटवार किया है। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद रायपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बघेल ने कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् के दो पद गाने का निर्णय लिया है और उन्होंने अमित शाह को पूरा गीत गाकर सुनाने की चुनौती दी।
बघेल ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेताओं से भी सवाल किया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम् गाते हुए उनके कितने नेताओं ने लाठियां खाईं या जेल गए। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी ऐसा उदाहरण देने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि संघ के पास अब वंदे मातरम् को अपनाने का अवसर है। उन्होंने सुझाव दिया कि RSS की प्रार्थना में गाए जाने वाले ‘नमस्ते सदा वत्सले’ की जगह वंदे मातरम् का गायन शुरू किया जाना चाहिए। बघेल ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम् कौन गाता था और किसने लाठियां खाईं, इसका उल्लेख इतिहास में मिलता है।
कांग्रेस के प्रस्तावों का किया जिक्र
कांग्रेस की बैठक में लिए गए फैसलों का जिक्र करते हुए बघेल ने बताया कि बैठक में तीन प्रस्ताव पारित किए गए हैं। इनमें छात्रों से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता दी गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और नौकरी समेत उनकी मांगों का कांग्रेस समर्थन करती है।
राम मंदिर मामले पर सरकार को घेरा
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े मामलों को लेकर भी बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने शिला पूजन से लेकर चढ़ावा चोरी के आरोपों तक विभिन्न मुद्दों पर सरकार पर लीपापोती करने का आरोप लगाया। बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को देशभर में लोगों तक पहुंचाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावा चोरी के मामले पर लोकसभा में चर्चा से सरकार बच रही है और इसे केवल राज्य का विषय बताया जा रहा है। निर्माण कार्य में कमीशनखोरी का भी उन्होंने आरोप लगाया।
अरुणाचल और E-20 पर भी निशाना
अरुणाचल प्रदेश के मुद्दे पर बघेल ने कहा कि घुसपैठ का मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इस पर किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
वहीं, E-20 नीति को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले सरकारें मिलावट के खिलाफ कार्रवाई करती थीं, लेकिन अब भाजपा सरकार खुद मिलावट को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने इसे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बताया।







