
सासाराम: रोहतास महिला कॉलेज, सासाराम में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स एंड कल्चरल फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय महोत्सव ‘यूनिफेस्टा 2026’ के लिए चयन प्रक्रिया (ऑडिशन) का आयोजन किया गया। ऑडिशन में विभिन्न कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने संगीत, नृत्य, मॉडलिंग समेत विभिन्न कला एवं सांस्कृतिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि आगामी 1 से 5 दिसंबर तक पटना में राष्ट्रीय स्तर पर ‘यूनिफेस्टा 2026’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें देशभर के 100 से अधिक विश्वविद्यालयों के कलाकार हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय महोत्सव के लिए बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में इन दिनों ऑडिशन के माध्यम से प्रतिभाओं का चयन किया जा रहा है। इसी क्रम में सासाराम स्थित रोहतास महिला कॉलेज में चयन शिविर लगाया गया, जिसमें रोहतास महिला कॉलेज के अलावा श्री शंकर कॉलेज, एसपी जैन कॉलेज समेत अन्य संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने नृत्य, गायन और मॉडलिंग सहित कई विधाओं में अपनी प्रस्तुतियां दीं।
प्रारंभिक चयन के बाद अंतिम सत्र में प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में से राष्ट्रीय मंच के लिए कलाकारों का चयन किया जाएगा। डॉ. सुनील कुमार सिंह ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य बिहार के स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को पहचान दिलाने के साथ-साथ बड़े मंच पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। ऑडिशन में शामिल श्री शंकर कॉलेज के हिंदी विभाग की छात्रा एवं एनएसएस स्वयंसेवक विशाखा कुमारी ने भी अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने बिहार की पारंपरिक लोकनृत्य शैली ‘झिझिया’ प्रस्तुत कर अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
विशाखा ने बताया कि बिहार में पहली बार इस तरह के व्यापक स्तर पर ऑडिशन और राष्ट्रीय महोत्सव का आयोजन विद्यार्थियों के लिए उत्साहजनक है। चयनित प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। विशाखा ने बताया कि वह पूर्व में ओडिशा में आयोजित एनआईसी कैंप में बिहार का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि झिझिया बिहार और मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस लोकनृत्य में सिर पर दीपों से सजा मटका रखकर पारंपरिक संतुलन और लय के साथ नृत्य किया जाता है। ऑडिशन को लेकर छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखा गया।






