
कोलंबो: श्रीलंका दौरे की शुरुआत भारतीय टीम के लिए शानदार जीत के साथ हुई। भारत ने तीन दिवसीय वॉर्म-अप मुकाबले में श्रीलंका क्रिकेट इलेवन को छह विकेट से हराया। 207 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने टीम को आसान जीत दिलाई। हालांकि यह मुकाबला मूल रूप से चार दिन का होना था, लेकिन इसे आखिरी समय में तीन दिन का कर दिया गया। इसके बावजूद भारतीय टीम मैनेजमेंट को पहले टेस्ट से पहले कई अहम सवालों के जवाब मिल गए।
इस मुकाबले का सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू देवदत्त पडिक्कल का प्रदर्शन रहा। कर्नाटक के बाएं हाथ के बल्लेबाज ने नाबाद 142 रन की शानदार पारी खेलकर नंबर-3 की जगह पर अपनी दावेदारी बेहद मजबूत कर दी है। पडिक्कल ने तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों के खिलाफ सहजता से बल्लेबाजी की। उनकी फुटवर्क शानदार रही और उन्होंने जरूरत के मुताबिक आक्रामक शॉट भी लगाए।
खास बात यह रही कि उन्होंने दबाव में रक्षात्मक होने के बजाय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। साई सुदर्शन के चोटिल होकर पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर होने से पडिक्कल की राह जरूर आसान हुई है, लेकिन उनके प्रदर्शन को देखते हुए सुदर्शन के फिट होने की स्थिति में भी उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर रखना आसान नहीं होता।
भारतीय कप्तान शुभमन गिल के दाहिने हाथ में चोट लगने के बाद पहले टेस्ट में उनकी उपलब्धता को लेकर चिंता थी। वह वॉर्म-अप मैच के शुरुआती दो दिन मैदान पर भी नहीं उतरे। इससे उनकी फिटनेस को लेकर सवाल और बढ़ गए थे। हालांकि तीसरे दिन गिल ने पहले लंबा नेट सत्र किया और इसके बाद 207 रन के लक्ष्य का पीछा करने के लिए सलामी बल्लेबाज के तौर पर मैदान में उतरे। उन्होंने 44 रन की पारी खेली और पूरी तरह सहज नजर आए। उनकी बल्लेबाजी ने साफ कर दिया कि वह गॉल टेस्ट में न सिर्फ खेलेंगे, बल्कि कप्तान के रूप में टीम की अगुआई भी करेंगे।
श्रीलंका की परिस्थितियों को देखते हुए भारत के दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरने की संभावना है। मोहम्मद सिराज की जगह लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन दूसरे तेज गेंदबाज के लिए प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार के बीच मुकाबला है। वॉर्म-अप मैच में गुरनूर ने प्रसिद्ध से बेहतर प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी। उन्होंने शॉर्ट-बॉल का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के बल्लेबाजों को परेशान किया।
इतना ही नहीं, गुरनूर ने बल्ले से भी प्रभावित किया। उन्होंने पहली पारी में महज 18 गेंदों पर चार छक्कों की मदद से 36 रन की तेज पारी खेली। मुख्य कोच गौतम गंभीर की लंबी बल्लेबाजी लाइन-अप रखने की रणनीति को देखते हुए गुरनूर को प्रसिद्ध से पहले मौका मिलना हैरान करने वाला नहीं होगा।
ऋषभ पंत का प्रदर्शन टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय जरूर बना हुआ है। दोनों पारियों में पंत ने जल्दबाजी में अपना विकेट गंवाया। दोनों ही मौकों पर वह आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में डीप में खड़े फील्डर को कैच दे बैठे। पंत भारतीय टेस्ट टीम के सबसे महत्वपूर्ण बल्लेबाजों में से एक हैं, लेकिन उन्हें अपने पुराने अंदाज और निरंतरता को वापस पाने की जरूरत है। टीम मैनेजमेंट पहले ही संकेत दे चुका है कि जरूरत पड़ने पर वह कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा।
वॉर्म-अप मैच में ध्रुव जुरेल बल्ले से भले ही प्रभावित नहीं कर सके, लेकिन वह पंत के लिए चुनौती बने हुए हैं। मुकाबले के दौरान पंत और जुरेल दोनों ने अलग-अलग समय पर विकेटकीपिंग की, जिससे इस विकल्प को लेकर भी टीम मैनेजमेंट के पास पर्याप्त जानकारी है।
कुल मिलाकर वॉर्म-अप मुकाबले ने भारत को पहले टेस्ट से पहले कई अहम संकेत दिए हैं। पडिक्कल ने नंबर-3 की जगह मजबूत कर ली है, गिल ने अपनी फिटनेस साबित कर दी है और गुरनूर ने दूसरे तेज गेंदबाज के लिए प्रसिद्ध कृष्णा को कड़ी चुनौती दी है। दूसरी ओर पंत का शॉट चयन टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इन संकेतों के आधार पर 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट के लिए भारतीय टीम की संभावित प्लेइंग-11 की तस्वीर अब काफी हद तक साफ नजर आ रही है।






