Monsoon will become more active in eastern Uttar Pradesh from July 19, heavy rain alert in many districts

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां लगातार सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्षा की तीव्रता बढ़ेगी और कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 19 जुलाई से व्यापक वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश तथा वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग द्वारा गुरुवार को जारी सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 16 और 17 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं से कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। 18 जुलाई से वर्षा की गतिविधियां तेज होने लगेंगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश होगी, जबकि पश्चिमी हिस्से में भी कई स्थानों पर वर्षा का क्रम शुरू हो जाएगा।

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पूर्वानुमान के अनुसार 19 से 22 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग सभी स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। इस अवधि में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अनेक स्थानों पर बारिश होगी, जिससे मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय बना रहेगा।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 16 जुलाई को प्रदेश के दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं उमस भरी गर्मी बनी रह सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसी दिन कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात की भी आशंका है।

17 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए इस दिन कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। 18 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार 19 से 22 जुलाई तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के साथ वज्रपात की आशंका बनी रहेगी। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस दौरान कहीं-कहीं भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर नहीं जाने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने के आसार हैं, जिससे खरीफ फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। हालांकि भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर जनजीवन प्रभावित होने की भी आशंका है।