धार: मध्यप्रदेश में धार जिले के ग्राम दत्तीगरा में सोयाबीन की फसल का अंकुरण नहीं होने से परेशान एक किसान ने कथित तौर पर खाद-बीज विक्रेता की दुकान पर कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में उसे पहले समीप के अस्पताल और बाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बदनावर तहसील के ग्राम दत्तीगरा निवासी प्रहलाद सिंह राठौर और उनके भाइयों ने 27 जून को करीब साढ़े दस बीघा कृषि भूमि में सोयाबीन की बोवनी की थी। परिजनों का आरोप है कि बोवनी के दौरान ‘वरदान’ नामक दवा की दो बोतलों का उपयोग किया गया था। उनका कहना है कि दवा के उपयोग वाले लगभग 10 बीघा क्षेत्र में सोयाबीन का अंकुरण नहीं हुआ, जबकि करीब ढाई बीघा भूमि, जहां इस दवा का उपयोग नहीं किया गया था, वहां फसल सामान्य रूप से अंकुरित हुई।
परिजनों के अनुसार फसल खराब होने से किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। इसी संबंध में वह संबंधित खाद-बीज विक्रेता के पास शिकायत लेकर पहुंचा था। आरोप है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसने दुकान में रखी कीटनाशक दवा पी ली।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने किसान को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए निजी अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है। फसल खराब होने के कारणों की भी संबंधित विभाग द्वारा जांच की जाएगी।







