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‘हस्तिनापुर के वीर’ बच्चों के संस्कारों पर देता है अहम संदेश: विवाना सिंह

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'Hastinapur Ke Veer' gives an important message on the values ​​of children: Vivana Singh

मुंबई: सोनी सब के पौराणिक धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में गांधारी की भूमिका निभा रहीं अभिनेत्री विवाना सिंह का कहना है कि बच्चे केवल उपदेशों से नहीं, बल्कि माता-पिता के आचरण और व्यवहार को देखकर जीवन के मूल्य सीखते हैं।विवाना सिंह ने कहा कि यह धारावाहिक गांधारी के व्यक्तित्व का नया पक्ष सामने लाता है। उनके अनुसार, गांधारी 101 बच्चों की माँ होने के साथ-साथ एक ऐसे संयुक्त परिवार का हिस्सा हैं, जहाँ बच्चों पर केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों का भी गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि जरूरत से ज्यादा लाड़-प्यार और बच्चों की संगति पर ध्यान न देना उन्हें गलत दिशा में ले जा सकता है।


गांधारी का किरदार निभाने के अनुभव को साझा करते हुए विवाना ने बताया कि आँखों पर पट्टी बांधकर अभिनय करना उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती रही है। उन्होंने कहा कि बिना आँखों के भावों का सहारा लिए केवल आवाज़, हावभाव और छोटे-छोटे इशारों से भावनाओं को व्यक्त करना आसान नहीं होता, लेकिन इसी चुनौती ने उन्हें इस किरदार से गहराई से जोड़ दिया है।उन्होंने कहा कि गांधारी और दुर्योधन का रिश्ता निभाना उनके लिए सबसे भावनात्मक रूप से कठिन रहा। एक माँ के रूप में गांधारी अपने बेटे को धर्म के मार्ग पर लाना चाहती हैं, लेकिन उसके गलत रास्ते पर बढ़ने की बेबसी उन्हें भीतर तक झकझोर देती है।

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विवाना ने बताया कि गांधारी की सबसे प्रेरणादायक विशेषता उनका धर्म और न्याय के प्रति अटूट विश्वास है। उनके अनुसार, गांधारी अपने पुत्र के गलत होने पर भी न्याय का साथ देने में विश्वास रखती हैं और यही गुण उन्हें सबसे अधिक प्रेरित करता है।
आज के दौर में गांधारी की कहानी की प्रासंगिकता पर बात करते हुए विवाना ने कहा कि आज माता-पिता और बच्चे अक्सर मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं, जिससे उनके बीच संवाद और भावनात्मक जुड़ाव कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह भी एक तरह की “पट्टी” है, जो हमें अपने ही परिवार को सही मायनों में देखने और समझने से रोकती है।


विवाना ने कहा, “हस्तिनापुर के वीर हमें यह सिखाता है कि बच्चे केवल शब्दों से नहीं, बल्कि हमारे कर्मों को देखकर ही मूल्य अपनाते हैं। उन्हें अच्छी शिक्षा और सुविधाओं के साथ-साथ माता-पिता का समय, ध्यान और स्नेह भी चाहिए। आज हम उन्हें जो संस्कार देंगे, वही उनके भविष्य का निर्माण करेंगे।”
सोनी सब पर प्रसारित होने वाला ‘हस्तिनापुर के वीर’ हर सोमवार से शनिवार रात 9 बजे प्रसारित किया जाता है।