
गया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर जहां भारतीय जनता पार्टी देशभर में उपलब्धियों का जश्न मना रही है, वहीं विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। इसी कड़ी में राजद प्रवक्ता और बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री को “यूनिक प्रधानमंत्री” बताते हुए कहा कि मीडिया के सवालों से दूरी बनाए रखने के लिए उन्हें एक अलग तरह का अवॉर्ड मिलना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता और पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। बोधगया में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुमार सर्वजीत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी।
हालांकि इसके बाद उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश के इतिहास में शायद यह पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो मीडिया के सामने आकर देश की परिस्थितियों, चुनौतियों और ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर बात नहीं करते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यही विशेषता उन्हें बाकी प्रधानमंत्रियों से अलग बनाती है और इसके लिए उन्हें विशेष अवॉर्ड मिलना चाहिए। बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए दाखिल हलफनामे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार द्वारा अपनी शैक्षणिक योग्यता 12वीं तक बताए जाने के सवाल पर भी कुमार सर्वजीत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस कॉलेज में वह खुद पढ़ाई करते थे, उसी संस्थान में निशांत कुमार भी छात्र थे। उन्होंने कहा कि संभव है कि किसी कारणवश निशांत अपनी पढ़ाई आगे पूरी नहीं कर सके हों। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के निजी या सार्वजनिक जीवन पर टिप्पणी करना उनका अधिकार नहीं है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर भी राजद विधायक ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इसे किसी राजनीतिक दल का टूटना नहीं कहा जाना चाहिए, बल्कि नेताओं को खरीदने की राजनीति कहा जाना चाहिए। उनके अनुसार, भाजपा विपक्षी दलों के नेताओं को अपने पक्ष में करने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। कुमार सर्वजीत ने भाजपा पर धनबल और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरे देश में धन और संसाधनों के बल पर अपना राजनीतिक विस्तार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अगर धनबल और सत्ता का प्रभाव नहीं हो तो भाजपा एक दिन भी सरकार नहीं चला पाएगी। उन्होंने पत्रकारों से भी अपील की कि ऐसे मामलों को दल-बदल या पार्टी टूटना नहीं, बल्कि नेताओं की खरीद-फरोख्त के रूप में देखा जाना चाहिए।






