पटना: केंद्र सरकार की केंद्रीय मंत्रिमंडल बैठक में उड़ान योजना 2.0 को मंजूरी मिलने के बाद बिहार को बड़ी सौगात मिली है। इस योजना के तहत राज्य में चार नए एयरपोर्ट बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिससे बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित नए एयरपोर्ट सबेया गोपालगंज, उलाओ बेगूसराय, भागलपुर और छपरा में विकसित किए जाएंगे।इन नए एयरपोर्ट्स के निर्माण के बाद बिहार में कुल एयरपोर्ट की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी, जिससे राज्य देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो सकता है जहां सबसे अधिक हवाई अड्डे हैं। फिलहाल इस सूची में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र शीर्ष स्थान पर हैं।
वर्तमान में बिहार में चार प्रमुख एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दरभंगा एयरपोर्ट, पूर्णिया एयरपोर्ट और गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल हैं। ये एयरपोर्ट राज्य को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।इसके अलावा बिहटा में नया एयरपोर्ट निर्माणाधीन है, जिससे पटना एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा। वहीं पताही मुजफ्फरपुर में रनवे का पुनर्निर्माण कार्य जारी है और इसे भी जल्द शुरू करने की योजना है।
नई स्वीकृतियों में गोपालगंज का सबेया एयरबेस नागरिक उपयोग के लिए विकसित किया जाएगा, जबकि बेगूसराय के उलाओ में मौजूदा हवाई पट्टी का विस्तार होगा। भागलपुर के सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।यह पहल न केवल यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि राज्य में व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगी, जिससे बिहार के समग्र विकास को गति मिलेगी।







