
बांका: बांका जिले के एक बहुचर्चित दुष्कर्म मामले में एडीजे प्रथम सह विशेष पॉक्सो कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत के इस फैसले को महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रजौन थाना क्षेत्र के इस्लामपुर गांव निवासी हकीक आलम के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया था।
मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम सह विशेष पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश स्वर्ण प्रभात की अदालत में चल रही थी। बुधवार को अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पीड़िता ने अपने बयान में बताया था कि घटना के दिन उसकी मां इलाज के सिलसिले में भागलपुर गई हुई थी। घर में उसे अकेला पाकर आरोपी जबरन अंदर घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने किसी को जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी, जिसके कारण वह लंबे समय तक सहमी रही। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने कई बार उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
जब वह गर्भवती हुई, तब उसने पूरी घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी। इसके बाद पीड़िता के परिजन आरोपी के घर शिकायत लेकर पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद, गाली-गलौज और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामले को लेकर पीड़िता ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान छह गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। सजा सुनाते हुए न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने का आदेश दिया। साथ ही, जिला विधिक सेवा प्राधिकार को निर्देश दिया गया कि पीड़िता को चार लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।






