पटना। बिहार सरकार ने बच्चों के समग्र विकास, पोषण एवं समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों को जीविका दीदियों के माध्यम से सिले हुए पोशाक उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत राज्य के आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं एकरूप पोशाक उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे न केवल बच्चों में समानता की भावना विकसित होगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर आजीविका के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। यह पहल ग्रामीण विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयास का परिणाम है, जिसमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियां स्थानीय स्तर पर पोशाक निर्माण का कार्य कर रही हैं। इसके तहत अबतक 10 लाख से अधिक पोशाक सेट का वितरण किया जा चुका है।
जीविका की ओर से 1000 से अधिक संकुल स्तर से आँगनवाड़ी केंद्र के बच्चों के लिये पोशाक की सिलाई का कार्य किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत हजारों महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त हुआ है, जिसमें उन्हें औसतन प्रति महिला 10,000 रुपये मासिक आमदनी हो रही है। इसी सिलसिले में किशनगंज जिला पदाधिकारी विशाल राज और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने मंगलवार को आँगनवाड़ी केंद्र के बच्चों के बीच पोशाक का वितरण किया। उन्होंने सदर प्रखंड कार्यालय परिसर में संचालित शगुन जीविका दीदी का सिलाई घर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस मौके पर सिलाई घर की जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि किशनगंज की जीविका दीदियों को उनके घर के पास ही पोशाक सिलाई का रोजगार मिल रहा है। वहीं आँगनवाड़ी केंद्र के बच्चों को जीविका दीदियों द्वारा तैयार पोशाक प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न सिलाई सेंटरों पर जीविका दीदियाँ पोशाक सिलाई का कार्य कर रही हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को रोजगार मिलने से पूरे परिवार में खुशहाली आती है। जीविका के माध्यम से जिला की जीविका दीदियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। महिलाओं को रोजगार मिलने से परिवार, समाज, प्रदेश, देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है। उनकी प्रगति से सबकी प्रगति जुड़ी हुई है। समेकित बाल विकास परियोजना अंतर्गत आँगनवाड़ी केंद्र के सभी बच्चों को पोशाक उपलब्ध करवाया जाएगा। लगभग तीस हजार पोशाक तैयार कर लिया गया है। बाकी पोशाक निर्माण के लिए जीविका दीदियाँ सिलाई सेंटरों पर कार्य कर रही हैं। तय समय सीमा में सारे पोशाक तैयार कर लिए जाएंगे।







