पटना: राजधानी के दीघा स्थित पाटीपुल घाट पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त एक बुजुर्ग दंपत्ति की स्कॉर्पियो देखते ही देखते गंगा नदी के गहरे पानी में समा गई। विडंबना यह रही कि वहां मौजूद सैकड़ों लोग मदद के लिए हाथ बढ़ाने की बजाय मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में मशगूल रहे। गाड़ी मालिक की पहचान बेगूसराय निवासी राम नरेश सिंह के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि वह सेवा निवृत हैं और वर्तमान में अपने परिवार के साथ पटना के शिवपुरी में रह रहे हैं। उनके घर में पूजा का आयोजन किया गया था। वह अपनी पत्नी के साथ पूजा की सामग्री विसर्जित करने दीघा के पाटीपुल घाट आए थे।
घटना के संबंध में राम नरेश सिंह ने बताया कि घाट के ढलान पर स्कॉर्पियो खड़ी करने के बाद राम नरेश सिंह हैंड-ब्रेक लगाना भूल गए। यही लापरवाही उनके लिए नुकसानदेह साबित हो गया। उन्होंने बताया कि जैसे ही वे दोनों गाड़ी से नीचे उतरे, ढलान के कारण स्कॉर्पियो धीरे-धीरे लुढ़कने लगा और लुढ़कते-लुढ़कते स्कॉर्पियो गंगा नदी की ओर बढ़ने लगा। राम नरेश सिंह ने गाड़ी को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। यहां तक कि उन्होंने घाट पर मौजूद लोगों से चीख-चीख कर मदद करने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि घाट पर सैकड़ों लोग मौजूद थे, लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। लोग संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार करते हुए इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड करते रहे।
इसी बीच वहां से एक बड़ा जहाज भी गुजरा, लेकिन मदद नहीं मिल सकी और अंततः गाड़ी गहरे पानी में डूब गई। राम नरेश सिंह ने कहा कि मैने सबसे मदद मांगी, चीखता रहा, चिल्लाता रहा लेकिन सब तमाशा देखते रहे। मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। अगर दो-चार लोग हाथ लगा देते तो मेरी गाड़ी बच सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही दीघा थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, पुलिस के घटनास्थल पर पहुँचने तक स्कॉर्पियो गंगा नदी में पूरी तरह डूब चुकी थी। पुलिस का कहना है कि गाड़ी को अब तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। पुलिस का कहना है कि गाड़ी लगभग 10 साल पुरानी थी।







