
सहरसा: नेपाल के विराटनगर में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाले ज्ञानबिंदु कोचिंग संस्थान के संचालक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव का पार्थिव शरीर रविवार देर शाम उनके पैतृक गांव धमसेना पहुंचा। शव के गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। भारी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर एकत्र हुए हैं। वहीं, कोचिंग संस्थान के संचालक रौशन आनंद की जमानत याचिका को पटना सिविल कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। ADG 33 के कोर्ट में सुनवाई हुई। उम्मीद है कि वह आज अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। प्रिंस यादव, पटना की मशहूर ज्ञान बिंदु अकैडमी के संस्थापक रोशन आनंद के भाई थे।
बताया जा रहा है कि एक मामले में नामजद होने के कारण वे नेपाल के विराटनगर में छिपे हुए थे, जहां एक होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में उनका शव बरामद हुआ। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। नेपाल पुलिस मामले में पांच संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है, लेकिन इसकी आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है। घटना की सूचना मिलते ही पटना से धमसेना पहुंचे प्रसिद्ध शिक्षक एसके झा ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि इस संदिग्ध मौत के पीछे की सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। झा ने रोशन आनंद और फैजल खान विवाद को लेकर हुई प्रशासनिक कार्रवाई पर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। वहीं, स्थानीय निवासी अमर यादव ने कहा कि इस दुखद घटना से पूरा परिवार बिखर गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह नेपाल सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर इस संदिग्ध मौत की गहन जांच कराए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है और जांच के नतीजों का इंतजार कर रहा है।






