प्रयागराज: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने क्रिकेटर यश दयाल के खिलाफ बलात्कार के आरोप में गाजियाबाद ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्रवाई पर गुरुवार को अंतरिम रोक लगा दी।
न्यायालय ने अगली सुनवाई तक मजिस्ट्रेट द्वारा जारी समन और पूरी न्यायिक प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी की एकल पीठ ने यश दयाल की याचिका पर सुनाया। उन्होंने अपनी याचिका में चार्जशीट और ट्रायल कोर्ट के संज्ञान आदेश को चुनौती दी थी।
उल्लेखनीय है कि जुलाई 2025 में एक महिला ने गाजियाबाद के थाने में एक प्राथमिकी दर्ज करायी थी। इसमें महिला ने आरोप लगाया था कि यश दयाल ने शादी के बहाने कई सालों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
यश दयाल ने अदालत को बताया कि दोनों के बीच संबंध पूरी तरह से सहमति से थे और शुरुआत में शादी का कोई वादा नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायतकर्ता और गवाहों के बयानों में शादी के किसी वादे का जिक्र नहीं है और मामला उनसे पैसे ऐंठने के लिए दायर किया गया है। इससे पहले 15 जुलाई 2025 को उच्च न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।







