
पटना। उद्योग विभाग की वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं की प्रतिभा का उपयोग बिहार के विकास में हो, इसके लिए उद्योग विभाग सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का औद्योगिक विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक कॉरिडोर, मजबूत शहरी संरचना, बेहतर हवाई संपर्क और सशक्त लॉजिस्टिक्स सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े निवेश किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 2400 मेगावाट क्षमता के पावर प्रोजेक्ट पर 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो रहा है। इसके अलावा औरंगाबाद में एनटीपीसी का पावर प्रोजेक्ट भी उत्पादन के लिए तैयार है, जिससे उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
हाल ही में बक्सर में कोका-कोला और जेके सुपर सीमेंट के प्लांट का उद्घाटन किया गया है, वहीं कई बड़ी कंपनियां राज्य में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 लागू किया है, जिसे देश के बेहतर पैकेजों में शामिल बताया गया है। साथ ही बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य को पूर्वी भारत का औद्योगिक हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 747 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनकी कुल राशि 17,217 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके अतिरिक्त 317 निवेशकों को 404 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिससे 5,500 करोड़ रुपये के निवेश और 22,500 से अधिक रोजगार की संभावना बनी है।
एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए निदेशालय का गठन किया गया है और बिहार राज्य विपणन प्राधिकरण बनाया गया है, ताकि छोटे और कुटीर उद्योगों के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिल सके। श्रम कानूनों में भी सुधार करते हुए उद्योगों को संचालन में सहूलियत दी गई है।
मंत्री ने बताया कि राज्य में इलेक्ट्रॉनिक सिटी, औद्योगिक पार्क और महिला छात्रावास जैसी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। भूमि अधिग्रहण के तहत 24 जिलों में 13,345 एकड़ से अधिक भूमि के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि “समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार” के संकल्प के साथ सरकार निरंतर कार्य कर रही है।






