खेल: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Vaibhav Sooryavanshi इस शुक्रवार आयरलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में डेब्यू कर इतिहास रच सकते हैं। महज 15 वर्ष की उम्र में भारतीय टीम का हिस्सा बने वैभव के पास देश के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने का अवसर है। हालांकि इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पहले उन्हें एक अनोखी परिस्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
आईसीसी और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के सुरक्षा नियमों के अनुसार 16 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को वयस्क खिलाड़ियों के साथ चेंजिंग रूम साझा करने की अनुमति नहीं होती। इसी नियम के चलते वैभव सूर्यवंशी को पूरे दौरे के दौरान टीम के मुख्य ड्रेसिंग रूम से अलग एक विशेष चेंजिंग रूम उपलब्ध कराया गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक वैभव को केवल मैच के दौरान और टीम मीटिंग्स में ही भारतीय ड्रेसिंग रूम में प्रवेश की अनुमति होगी। मैच से पहले और बाद में कपड़े बदलने सहित अन्य व्यक्तिगत गतिविधियों के लिए उन्हें अलग कमरे का उपयोग करना होगा। यह व्यवस्था खिलाड़ियों की सुरक्षा और आयु-आधारित संरक्षण नीतियों के तहत लागू की गई है।
वैभव अपने माता-पिता के साथ यूनाइटेड किंगडम पहुंचे हैं, जिससे उन्हें विदेशी माहौल में सहज होने और मानसिक रूप से तैयार रहने में मदद मिलेगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
अगर वैभव सूर्यवंशी आयरलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरते हैं, तो वह भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। सचिन ने 1989 में 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए पदार्पण किया था, जबकि वैभव संभावित डेब्यू के समय केवल 15 साल 91 दिन के होंगे।
क्रिकेट जगत की नजरें अब इस युवा प्रतिभा पर टिकी हैं, जो कम उम्र में ही भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने के बेहद करीब पहुंच चुका है।







