आसन (दक्षिण कोरिया): भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने रविवार को खेले गये कोरिया मास्टर्स महिला एकल के फाइनल मुकाबले में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त हान कियान शी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करे हुए अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीता। आज यहां खेले गये मुकाबले में 26 वर्षीय अश्मिता चालिहा ने शुरुआत धीमी रहने और निर्णायक गेम में कड़ी चुनौती मिलने के बावजूद शानदार वापसी की। पहला गेम हारने के बाद उन्होंने 53 मिनट तक चले मुकाबले में दुनिया की 35वें नंबर की खिलाड़ी हान को 14-21, 21-14, 21-14 से हराकर यादगार जीत दर्ज की।अश्मिता की यह जीत भारतीयों के लिए लगातार दूसरा बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल है।
इससे पहले पिछले रविवार को तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन जीता था। भारतीय खिलाड़ी ने 3-0 की बढ़त बनाई और शुरुआत में 9-5 से आगे थीं, लेकिन हान ने जबरदस्त वापसी की और स्कोर 11-11 पर बराबर हो गया। चीनी खिलाड़ी ने अपनी लय बदली और लगातार कई अंक हासिल करके मैच पर पकड़ बनाते हुए गेम जीतकर बढ़त हासिल कर ली।
अश्मिता ने दूसरे गेम में आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए वापसी की। मध्यान के समय भारतीय खिलाड़ी 11-8 से आगे थीं और उसके बाद भी रैलियों पर उनका दबदबा बना रहा। हान अंतर कम करने के लिए संघर्ष करती रहीं, जबकि अश्मिता ने अपनी बढ़त बनाए रखी। वह 17-10 से आगे हो गईं और फिर एक और आक्रामक शॉट के साथ 21-14 से गेम जीतकर मैच को निर्णायक गेम तक ले गईं।
निर्णायक गेम की शुरुआत में कड़ी टक्कर देखने को मिली। अश्मिता ने 5-2 की बढ़त बनाई, लेकिन मिड-गेम ब्रेक तक हान 11-9 से आगे हो गईं। अश्मिता ने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे मैच को अपनी ओर मोड़ लिया। लाइन के पास एक सटीक विनर शॉट के साथ वह 12-11 से आगे हो गईं। एक बेहतरीन शॉट ने चालिहा की बढ़त 15-11 हो गई। भारतीय खिलाड़ी ने हान के कोर्ट में खाली जगहें ढूंढना जारी रखा और एक क्रॉस-कोर्ट विनर शॉट से स्कोर 19-14 हो गया। इसके बाद हान का रिटर्न शॉट बाहर चला गया, जिससे अश्मिता को अंक मिला और आखिरकार उन्होंने अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब अपने नाम कर लिया।







