सासाराम: काराकाट से सांसद राजाराम कुशवाहा ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। सासाराम पहुंचे सांसद ने मीडिया से बातचीत के दौरान छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठाना छात्रों और युवाओं का अधिकार है।
सांसद राजाराम कुशवाहा ने कहा कि छात्रों की समस्याओं और मांगों को सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात सुने और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से करने का प्रयास करे।
उन्होंने कहा कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास में छात्र आंदोलनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर युवाओं और छात्रों ने अपनी आवाज बुलंद कर बड़े सामाजिक और राजनीतिक बदलावों की दिशा तय की है। सांसद ने कहा कि मौजूदा दौर में Gen-Z पीढ़ी भी अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर मुखर है और सरकार को उनकी भावनाओं को समझने की जरूरत है।
राजाराम कुशवाहा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और सरकार ने अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं किया, तो इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि छात्र शक्ति को नजरअंदाज करना सरकार के लिए भारी पड़ सकता है और आने वाले समय में यही युवा शक्ति सत्ता परिवर्तन का कारण बन सकती है।
सांसद के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब सरकार और प्रशासन की ओर से उनके आरोपों तथा छात्रों के प्रदर्शन को लेकर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर नजर रहेगी।
हालांकि, छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और उनकी मांगों से जुड़े सभी पहलुओं पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।







