पलामू: झारखंड के पलामू जिले के पाटन मोड़ में महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती को विजयोत्सव दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरा क्षेत्र “वीर कुंवर सिंह अमर रहें” जैसे नारों से गूंज उठा और लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय समाजसेवियों द्वारा कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और देश की आजादी में उनके अद्वितीय योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि कुंवर सिंह का जीवन साहस, त्याग और देशभक्ति का प्रतीक है, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। सभा को संबोधित करते हुए समाजसेवियों ने युवाओं से आह्वान किया कि वे महापुरुषों के आदर्शों को अपनाएं और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को अपने इतिहास से जुड़ने की आवश्यकता है, ताकि वे देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझ सकें। वक्ताओं ने 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में कुंवर सिंह की भूमिका का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि लगभग 80 वर्ष की आयु में भी कुंवर सिंह ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जिस वीरता और नेतृत्व का परिचय दिया, वह भारतीय इतिहास में अद्वितीय है। कार्यक्रम में यह भी जोर दिया गया कि नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से अवगत कराना बेहद जरूरी है। लोगों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियां सुनाएं, ताकि उनमें देशभक्ति की भावना मजबूत हो सके।







