चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में स्थानीय युवाओं की बहाली को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। रोजगार में स्थानीय लोगों की अनदेखी के आरोपों के बीच ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है और आने वाले दिनों में आंदोलन के तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। गुरुवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की अध्यक्षता में उनके आवास पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में 18 गांवों के मुंडा-मानकी संघ के प्रतिनिधियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 5 मई को सेल प्रबंधन के साथ प्रस्तावित वार्ता को लेकर रणनीति तैयार की गई। बैठक में ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि यदि 5 मई की वार्ता में स्थानीय बहाली के मुद्दे पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 6 मई से सेल के खिलाफ चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार आंदोलन पहले से अधिक व्यापक और प्रभावी होगा। ग्रामीणों का आरोप है कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) प्रबंधन स्थानीय युवाओं की अनदेखी कर बाहरी लोगों को रोजगार दे रहा है, जिससे क्षेत्र में असंतोष गहराता जा रहा है। उन्होंने इसे स्थानीय अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखने की बात कही। उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार आंदोलन और भूख हड़ताल हो चुकी है। हाल ही में 20 अप्रैल को चक्का जाम के बाद त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी, जिसमें प्रबंधन ने 5 मई को समाधान के लिए बैठक करने का आश्वासन दिया था। अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं। यदि इस बार भी कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो गुवा में आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।







