बुद्धिजीवियों ने सम्बन्धों को मजबूत बनाने का लिया संकल्प
रांची: रविवार को देर शाम मोरहाबादी मैदान स्थित प्रेस क्लब सभागार में “शाहाबाद का गौरवशाली इतिहास और इसका झारखंड से सम्बन्ध” विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया। जिसमें बिहार के शाहाबाद प्रक्षेत्र और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए बुद्धिजीवियों ने शिरकत की। कार्यक्रम का उद्घाटन आयोजन समिति के अध्यक्ष अखिलेश कुमार जस्टिस एस एन पाठक, आइआरएस अधिकारी विजय मुंडा, प्रिया मुंडा, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के सचिव गोविंद नारायण सिंह और कर्नल राजेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद सभी आगंतुकों को अंग वस्त्र और पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। उद्घाटन भाषण में आयोजन समिति के अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने कहा कि प्रशासनिक रूप से विभाजन होकर भले हीं राज्य अलग हो गया है परंतु झारखंड शाहाबाद के संस्कृति से ओतप्रोत है।
उन्होंने कहा कि झारखंड के हर कोने में बसे खासकर उरांव समाज के लोगों के पूर्वज रोहतासगढ़ के मूल निवासी थे और सांस्कृतिक तथा भावनात्मक प्रभाव आज़ भी क़ायम है। जिसमें निरंतरता बनाए रखते हुए उसे और मजबूती प्रदान करने की जरूरत है। अखिलेश कुमार ने कहा कि झारखंड के निर्माण में शाहाबाद तथा भोजपुरी भाषी लोगों ने भी अहम भूमिका निभाई है। जस्टिस डॉ एस ए पाठक ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमला करते हुए कहा कि वे चुनाव के दौरान असम में जाकर वहां रह रहे आदिवासियों के हालात पर तो आंसू बहा रहे हैं परंतु पड़ोसी राज्य बिहार के कैमूर पहाड़ी पर बसे आदिवासियों की सुध नहीं ली। डॉ पाठक ने कहा कि हमारे बिहार और झारखंड में हीं इतने प्राकृतिक सौंदर्य है कि इसके लिए काश्मीर शिमला या किसी हिल स्टेशन पर जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने शाहाबाद से झारखंड के ऐतिहासिक सांस्कृतिक सम्बंधों पर विस्तार से चर्चा की।
वहीं आइआरएस अधिकारी विजय कुमार मुंडा ने कहा कि झारखंड के आदिवासी संस्कृति और शाहाबाद के संस्कृति में काफी समानता है और इसे और प्रगाढ़ करने की जरूरत है। सेमिनार में बिहार से आए गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के सचिव गोविंद नारायण सिंह ने शाहाबाद के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं सेवानिवृत्त जिला जज शिवनारायण सिंह, समाजिक कार्यकर्ता प्रिया मुंडा, रांची सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ विमलेश सिंह, कर्नल राजेश कुमार, धर्मेंद्र तिवारी, आदि ने भी संबोधित किया। जबकि संचालन संजय पासवान तथा धन्यवाद ज्ञापन भूषण उरांव ने की। सेमिनार में झारखंड के रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद सहित विभिन्न जिलों के अलावा बिहार से आए लोगों ने भी शिरकत की।







