सासाराम (रोहतास)। रेलवे परिचालन के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है, जहां पूर्व मध्य रेल ने मिशन रफ्तार के तहत नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पूर्व मध्य रेल ने ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल कर इतिहास रच दिया है। यह ट्रायल पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से सासाराम, गया होते हुए धनबाद जंक्शन तक किया गया, जो रेलवे की तकनीकी क्षमता और आधुनिकता का मजबूत प्रमाण है। इस सफलता के साथ ही न केवल पूर्व मध्य रेल की उपलब्धियों में एक नया अध्याय जुड़ा है, बल्कि यह भविष्य में यात्रियों के लिए तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सफर का रास्ता भी खोलता है।
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और इसी दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड पर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए लगभग 412 किलोमीटर लंबे ट्रैक के दोनों किनारों पर फेंसिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। यह फेंसिंग झारखंड और उत्तर प्रदेश के हिस्सों में फैले इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर हो रही है। यह फेंसिंग कार्य प्रधानखंटा से धनबाद, गोमो, कोडरमा, गया, सोननगर, सासाराम होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक फैले रेलमार्ग पर किया जा रहा है, जिसमें अधिकांश कार्य अब पूरा हो चुका है।
इसके साथ ही इस पूरे रेलखंड पर आधुनिक कवच’ सुरक्षा प्रणाली की स्थापना भी तेज़ी से जारी है। यह सिस्टम ट्रेनों की टक्कर को रोकने और ऑटोमैटिक ब्रेकिंग जैसी सुविधाओं के जरिए सुरक्षा को और मजबूत करेगा। कुल मिलाकर, पूर्व मध्य रेल का यह कदम भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आने वाले समय में यह उपलब्धि यात्रियों को न सिर्फ तेज़ सफर देगी, बल्कि सफर को और अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद भी बनाएगी।







