पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिजली सब्सिडी और सामाजिक विकास को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने घोषणा की कि 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ ले रहे उपभोक्ताओं को स्वेच्छा से इस सुविधा को छोड़ने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान एक दिसंबर से शुरू होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को आर्थिक रूप से इस सुविधा की आवश्यकता नहीं है, वे अपनी इच्छा से 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सब्सिडी छोड़ सकते हैं। सरकार का उद्देश्य ऐसे लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित करना है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जा सकें।
दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में दलित, महादलित, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग की बस्तियों में जाकर स्थानीय लोगों के साथ दीपावली मनाएं। इस पहल के जरिए समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी सहयोग, भाईचारे और अपनत्व की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ जुड़ने और जरूरतमंद लोगों के बीच खुशियां बांटने का भी मौका हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से इस भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का आग्रह किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित रहे बस्तर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाने को भी बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने इसे जवानों के प्रति सम्मान और उनके साथ जुड़ाव का प्रतीक बताया।
अंत में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार और देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राज्य की निरंतर प्रगति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए विकास के प्रयासों में सभी लोगों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।







