पटना। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता Tejashwi Yadav ने केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए श्रमिकों की स्थिति, उनके अधिकारों और सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने अपने संदेश में कहा कि देश के निर्माण और विकास में श्रमिकों की भूमिका सबसे अहम है। वे अपने परिश्रम, समर्पण और सेवा भाव से देश की प्रगति की मजबूत नींव रखते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके जीवन स्तर, अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को लेकर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि जब तक श्रमिकों के जीवन में वास्तविक सुधार नहीं होगा, तब तक ‘विकसित भारत’ का सपना अधूरा रहेगा। आरजेडी नेता ने बिहार से बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन को राज्य की सबसे बड़ी समस्या बताया। उनका दावा है कि पिछले दो दशकों में एनडीए सरकार की नीतियों के कारण हर साल बड़ी संख्या में मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर होते हैं। बाहर जाने पर उन्हें अपमान, भेदभाव और हिंसा जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। तेजस्वी यादव ने नोटबंदी, कोरोना लॉकडाउन और एलपीजी से जुड़े संकटों को भी मजदूरों के लिए घातक बताया। उन्होंने कहा कि इन फैसलों का सबसे ज्यादा असर गरीब और श्रमिक वर्ग पर पड़ा, जबकि संकट के समय उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिली। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि यदि राज्य मजदूरों की सबसे बड़ी आपूर्ति करने वाला बन गया है, तो सरकार को बिहार का नाम ‘श्रमिक प्रदेश’ रखने पर विचार करना चाहिए। अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पलायन रोकने और श्रमिकों के जीवन में सुधार लाने के लिए मिलकर प्रयास करें।







