पटना: राजधानी पटना में जमीन हड़पने की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। गांधी मैदान थाना की पुलिस ने छज्जुबाग स्थित निबंधन कार्यालय में घुसकर पुराने दस्तावेज चुराने की कोशिश कर रहे चार बदमाशों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा कटिहार में छापेमारी कर इस गिरोह से जुड़े तीन अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार बदमाश देर रात एक कार से निबंधन कार्यालय पहुंचे थे और चारदीवारी फांदकर अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान गश्ती दल की नजर संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी और तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया गया। आरोपियों के पास से एक कार, लोहे के औजार और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह एक संगठित गिरोह है, जो 1940 से 1945 के बीच के पुराने सरकारी जमीन रिकॉर्ड को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्यों को ऐसे दस्तावेज चोरी करने के बदले 40-40 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह पहले असली दस्तावेज चुराता, फिर उनकी जगह फर्जी कागजात तैयार कर जमीन पर कब्जा कर लेता था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कटिहार में छापेमारी कर तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने पूर्व में भी इस तरह की वारदात में शामिल होने की बात कबूल की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से बड़ी धोखाधड़ी टल गई। फिलहाल मामले की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।







