बिहार के गोपालगंज स्थित सिविल कोर्ट गोपालगंज में न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। सोमवार से यहां गवाही देने वाले व्यक्ति अपने बयान को तुरंत एलईडी स्क्रीन पर देख सकेंगे। यह पहल जिला जज-9 राकेश रंजन सिंह की अदालत से शुरू की गई है और इसे बिहार में अपनी तरह की पहली व्यवस्था माना जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत कोर्ट रूम में गवाह के सामने एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। जैसे ही गवाह अपना बयान देता है, वह उसी समय स्क्रीन पर प्रदर्शित होने लगता है। इससे गवाह यह सुनिश्चित कर सकता है कि उसका बयान सही तरीके से दर्ज हो रहा है या नहीं। पहले की व्यवस्था में गवाहों को यह सुविधा नहीं मिलती थी और उन्हें बाद में नकल लेकर ही अपने बयान की जानकारी मिलती थी। इस पहल को लागू करने में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज गीता गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनकी पहल पर इस तकनीक को लागू किया गया है और अब इसे जिले की अन्य अदालतों में भी विस्तार देने की योजना है। इसके साथ ही कोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा को भी बढ़ावा दिया गया है। चनावे मंडल कारा में स्क्रीन की व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से बंदी अदालत की कार्यवाही देख सकते हैं और वहीं से अपना पक्ष रख सकते हैं। इससे आरोपियों को कोर्ट लाने-ले जाने की आवश्यकता कम हो जाएगी। इस नई व्यवस्था से न केवल न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि समय की बचत और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि गोपालगंज सिविल कोर्ट की यह पहल आने वाले समय में पूरे राज्य के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकती है।







