
औरंगाबाद। जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर एक नई मिसाल पेश की है। खेत में झुककर दरांती से गेहूं काटती एक महिला को देखकर हर कोई पहले हैरान रह गया। लेकिन जब पहचान सामने आई, तो यह दृश्य चर्चा का विषय बन गया। दरअसल, खेत में मेहनत करती यह महिला कोई आम किसान नहीं, बल्कि औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा हैं। आमतौर पर बैठकों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने वाली डीएम अभिलाषा शर्मा इस बार खुद खेत में उतरकर गेहूं की कटाई करती नजर आईं। यह मौका था ‘फसल कटनी प्रयोग’ का, जिसे कृषि विभाग हर साल रबी और खरीफ सीजन में फसलों की वास्तविक पैदावार का आकलन करने के लिए आयोजित करता है। वर्ष 2025-26 के रबी सीजन के तहत यह प्रयोग बारूण प्रखंड के प्रीतमपुर गांव में किसान मन्दु पाण्डेय के खेत में किया गया। इस दौरान 10×5 मीटर के निर्धारित क्षेत्र में गेहूं की कटाई की गई, जिसमें कुल 15.120 किलोग्राम उपज प्राप्त हुई। इसके आधार पर औसत उत्पादन 30.24 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आंका गया। निरीक्षण के दौरान डीएम अभिलाषा शर्मा ने स्वयं दरांती उठाकर फसल काटी और मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि फसल कटनी प्रयोग पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से कराया जाए, ताकि सरकार को वास्तविक उत्पादन का सटीक आंकड़ा मिल सके। इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय किसान भी मौजूद रहे। डीएम की इस पहल को न केवल प्रशासनिक सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि यह प्रशासन और किसानों के बीच भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी माना जा रहा है।






