सासाराम (रोहतास)। नवम गुरु गुरु तेग बहादुर जी का 405 वां प्रकाश पर्व सासाराम स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चाचा फग्गुमल साहिब में श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से लेकर देर रात तक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ तथा गुरु का अटूट लंगर दिनभर चलता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के साथ हुई, जिसके बाद भव्य कीर्तन दरबार सजाया गया। हजूरी रागी जत्था एवं विभिन्न कीर्तनकारों ने गुरबाणी का गायन कर संगत को निहाल किया। इस दौरान हरमंदिर साहिब, अमृतसर से आए ज्ञानी भाई सुरजीत सिंह ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और त्याग पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी ने 21 दिनों तक इस पवित्र स्थल पर प्रवास कर सत्संग के माध्यम से मानवता का संदेश दिया था, जिससे बिहार की धरती धन्य हुई। कार्यक्रम में बिहार सिख मिशन के पदाधिकारियों ने संगत को आगामी बैसाखी पर्व (12 से 14 अप्रैल 2026) की जानकारी दी। इस मौके पर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।







