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पश्चिम बंगाल में मुख्य चुनाव अधिकार चुनाव संबंधी तैयारियों की करेंगे समीक्षा

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Chief Electoral Officer to review election preparations in West Bengal

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल आगामी विधानसभा चुनावों के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत शनिवार से जमीनी स्तर पर चुनाव तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए जिलों का दौरा शुरू करेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में स्थितियों से निपटने के जिला प्रशासन के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके दो दिन बाद यह कदम उठाया गया है।श्री कुमार ने राज्य और जिला प्रशासन के साथ एक वर्चुअल बैठक के दौरान, मालदा के पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिदेशक सिद्धीनाथ गुप्ता को उस घटना पर कड़ी फटकार लगाई थी, जिसमें मालदा में सात न्यायिक अधिकारियों को छह घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया था।चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार श्री अग्रवाल अपने दौरे की शुरुआत पूर्व मेदिनीपुर से करेंगे, जहां वह प्रशासनिक कार्यालयों का निरीक्षण करेंगे और जिला अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे।वह इस बात का आकलन करेंगे कि क्या चुनाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि क्या सुरक्षा उपाय आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी इसी तरह के दौरों की योजना है।

पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को निर्धारित है। वर्तमान में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है और पूरे राज्य में चुनाव प्रचार ने गति पकड़ ली है। विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने भी अपना नामांकन दाखिल करना शुरू कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने पहले ही राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग की प्रतिबद्धता दोहराई थी और उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी आवश्यक उपायों का वादा किया था। श्री अग्रवाल के जिला-स्तरीय निरीक्षण को उसी व्यापक प्रयास के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। आयोग ने इस बार चुनाव प्रबंधन को सख्त करने के लिए कई कदम उठाए हैं। बड़ी संख्या में वरिष्ठ राज्य प्रशासनिक अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है और पिछले चुनावों की तुलना में काफी अधिक पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय बल तैनात रहेंगे और सभी केंद्र इंटरनेट प्रसारण (वेबकास्टिंग) तथा सीसीटीवी की निगरानी में होंगे। मतदाताओं को मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें प्रवेश करने से पहले फोन बाहर जमा करना होगा। श्री अग्रवाल के दौरों का उद्देश्य इन व्यवस्थाओं में किसी भी कमी की पहचान करना और सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना है।इस बीच, मालदा में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर तनाव बढ़ गया है, जहां कथित तौर पर एक प्रदर्शन के दौरान न्यायाधीशों को रोका गया था। मामला सर्वोच्च न्यायालय

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