मधेपुरा: मधेपुरा में पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने तीन थानाध्यक्षों को सस्पेंड कर दिया है। इन तीनों पर कार्य में लापरवाही बरतने, एफआईआर दर्ज करने आनाकानी और जनता की शिकायतों पर तत्परता नहीं दिखाने का आरोप था। जिले में जवाबदेह और संवेदनशील पुलिसिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। कार्य में लापरवाही, प्राथमिकी दर्ज करने में देरी, पीड़ितों की शिकायतों की अनदेखी तथा अपराध नियंत्रण में ढिलाई को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने यह कदम उठाया है। निलंबित किए गए थानाध्यक्षों में भर्राही थाना के अरमोद कुमार, बिहारीगंज थाना के कृष्ण कुमार सिंह तथा पुरैनी थाना के चंद्रजीत प्रभाकर शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करते हुए निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
पुलिस अधीक्षक को लगातार आम लोगों एवं विभिन्न स्तरों से संबंधित थानों की कार्यशैली को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों में एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी, अपराधियों की गिरफ्तारी में सुस्ती और फरियादियों के साथ उदासीन व्यवहार जैसे आरोप शामिल थे। इसके बाद मधेपुरा एसडीपीओ, उदाकिशुनगंज एसडीपीओ तथा मुख्यालय डीएसपी द्वारा मामलों की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसपी ने कठोर कार्रवाई की। बिहारीगंज थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह पर चेन स्नेचिंग के एक मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में अनावश्यक विलंब करने तथा अन्य मामलों में भी लापरवाही बरतने का आरोप सिद्ध हुआ। वहीं, पुरैनी थानाध्यक्ष चंद्रजीत प्रभाकर पर लूट के एक मामले में पीड़ित व्यवसायी का फर्द बयान तक नहीं लेने और प्राथमिकी दर्ज नहीं करने का आरोप b। बताया गया कि पीड़ित व्यवसायी को कई दिनों तक थाना के चक्कर लगाने पड़े।
इधर, भर्राही थानाध्यक्ष अरमोद कुमार सिंह के खिलाफ लूट और बैंक लूट से जुड़े मामलों में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाने की शिकायत सही पाई गई। जांच में यह सामने आया कि गंभीर अपराध के मामले में पुलिस की ओर से जिस स्तर की सक्रियता होनी चाहिए थी, वह नहीं बरती गई। एसपी संदीप सिंह ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आम लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि आगे किसी स्तर पर लापरवाही या शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल तीनों थानों का प्रभार अपर थानाध्यक्षों को सौंप दिया गया है। साथ ही नियमित थानाध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी जल्द पूरी किए जाने की बात कही गई है।







