सीवान: बिहार के सीवान जिले में सरकारी अनाज की कथित कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एफसीआई गोदाम पर छापेमारी की है। जांच के दौरान गोदाम से 324 क्विंटल अतिरिक्त अनाज बरामद किया गया। प्रशासन ने अनाज से लदे एक ट्रक को जब्त कर लिया है और पूरे गोदाम को सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और सरकारी अनाज वितरण व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामला गोरेयाकोठी प्रखंड के बिंदबल स्थित एफसीआई गोदाम का है। प्रशासन को सरकारी अनाज में गड़बड़ी और कालाबाजारी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर महाराजगंज की एसडीएम अनीता सिन्हा, एमओ और डीएसपी अमन भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम और एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित टीम ने गोदाम परिसर की सघन जांच शुरू की और वहां मौजूद अनाज के स्टॉक तथा दस्तावेजों का मिलान किया।
जांच के दौरान गोदाम परिसर में खड़े एक ट्रक पर अधिकारियों की नजर पड़ी। जब ट्रक की जांच की गई तो उसमें सरकारी आवंटन से कहीं अधिक मात्रा में अनाज लदा हुआ पाया गया। अधिकारियों के अनुसार ट्रक में कुल 324 क्विंटल अतिरिक्त अनाज मिला। प्रारंभिक जांच में अनाज के स्टॉक और आवंटन के बीच भारी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने ट्रक समेत पूरे अनाज को तत्काल जब्त कर लिया। छापेमारी के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। जांच के समय गोदाम परिसर में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही माना। एसडीएम अनीता सिन्हा के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से पूरे गोदाम को सील कर दिया गया।
साथ ही जब्त ट्रक और अनाज को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गोरेयाकोठी थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। एसडीएम अनीता सिन्हा ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए संबंधित दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी मात्रा में अतिरिक्त अनाज गोदाम तक कैसे पहुंचा, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं और सरकारी अनाज के आवंटन में कहां-कहां अनियमितताएं हुई हैं। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद सरकारी अनाज की कालाबाजारी में संलिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और गरीबों के हक का अनाज सुरक्षित रखने के लिए ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।







