एम्सटेलवीन: भारतीय महिला हॉकी टीम गुरुवार को विश्व कप के पांचवें स्थान के मुकाबले में अपने से ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी के खिलाफ मैदान में उतरेगी। सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूकने के बाद भारतीय टीम अब जीत के साथ टूर्नामेंट का समापन करना चाहती है। मुकाबले का नतीजा चाहे जो भी हो, विश्व कप में भारत का प्रदर्शन पिछले 52 वर्षों में उसका सर्वश्रेष्ठ रहेगा।
भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है और उसे सिर्फ एक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे दौर का मुकाबला गोलरहित ड्रॉ रहने के कारण भारत सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया। हालांकि, टीम ने चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोकने और दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराने जैसे प्रभावशाली प्रदर्शन किए।
दूसरे दौर में भारत ने मौजूदा ओलंपिक और विश्व कप चैंपियन नीदरलैंड्स को भी कड़ी चुनौती दी। नीदरलैंड्स ने भारत को हराया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में मजबूत प्रतिरोध दिखाया।
मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने कहा कि सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाने की निराशा से टीम अब उबर चुकी है। तीन दिन का विश्राम खिलाड़ियों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि टीम जर्मनी के खिलाफ नए जोश के साथ उतरेगी और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।
भारत की रक्षापंक्ति और गोलकीपिंग ने टूर्नामेंट में प्रभावित किया है। गोलकीपर बिछू देवी और सविता ने कई अहम बचाव किए हैं। कप्तान सलीमा टेटे, मिडफील्ड में नेहा, सुनेलिता टोप्पो और साक्षी तथा फॉरवर्ड में नवनीत कौर, दीपिका और लालरेम्सियामी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। युवा खिलाड़ियों ने भी अपने प्रदर्शन से उम्मीदें जगाई हैं।
जर्मनी भारत के लिए आसान चुनौती नहीं होगी। दोनों टीमें विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैचों में आमने-सामने हुई थीं, जिनमें भारत को जीत नहीं मिली थी। जर्मनी की मुख्य कोच यानिके शॉपमैन भारतीय टीम से अच्छी तरह परिचित हैं। वह पहले भारतीय महिला टीम की मुख्य कोच रह चुकी हैं।
भारतीय टीम अब जर्मनी के खिलाफ जीत दर्ज कर विश्व कप अभियान का शानदार अंत करना चाहेगी। साथ ही यह मुकाबला आगामी एशियाई खेलों की तैयारियों के लिहाज से भी अहम होगा।






