नयी दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में जिस तरह का दबाव महसूस होता है, वैसा किसी अन्य मैच में नहीं होता। उन्होंने कहा कि एशिया कप में लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण टीम पर उम्मीदों का दबाव जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों का ध्यान परिणाम के बजाय अपने खेल और तैयारियों पर रहेगा।
हरमनप्रीत ने सोनी स्पोर्ट्स के ‘एक्स्ट्रा इनिंग्स’ शो में कहा कि एशिया कप भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है। टीम ने इस प्रतियोगिता में लंबे समय से दबदबा कायम रखा है और कई खिताब जीते हैं। ऐसे में इस बार प्रशंसकों की उम्मीदें और भी अधिक होंगी।उन्होंने कहा कि टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती एक मजबूत टीम के रूप में अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रदर्शन करना है। भारतीय टीम एशियाई क्रिकेट में अपना दबदबा बनाए हुए है, लेकिन किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उनके मुताबिक, दूसरी टीमें भी इस टूर्नामेंट के लिए पूरी तैयारी के साथ उतरेंगी और एशिया कप किसी विश्व कप से कम नहीं है।
भारत-पाकिस्तान मैच के बारे में हरमनप्रीत ने कहा कि यह बेहद दबाव वाला मुकाबला होता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई बड़े मैच खेलने के बावजूद पाकिस्तान के खिलाफ मिलने वाला दबाव अलग स्तर का होता है।उन्होंने कहा, “हर भारतीय इस मैच को देख रहा होता है, सिर्फ क्रिकेट प्रशंसक ही नहीं।” ऐसे में वह कप्तान और खिलाड़ी के तौर पर चीजों को सरल रखने, क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने और अपनी दिनचर्या का पालन करने की कोशिश करती हैं।हरमनप्रीत ने कहा कि खिलाड़ियों को भविष्य के नतीजे के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय वर्तमान पर ध्यान देना चाहिए और टीम की जरूरत के अनुसार अपना गेम प्लान तैयार करना चाहिए।लगातार सफलता से बढ़ा आत्मविश्वासएशिया कप फिर से जीतने की उम्मीद जताते हुए भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम पिछले चार-पांच वर्षों से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। भारत ने बड़ी टीमों को हराया है, कई सीरीज जीती हैं और लगातार सफलता हासिल की है।लॉर्ड्स में मिली जीत के बाद टीम का आत्मविश्वास और बढ़ा है। उन्होंने कहा कि टीम में हर खिलाड़ी मैच और टूर्नामेंट जीतने की मानसिकता के साथ मैदान पर उतरना चाहता है। यही माहौल खिलाड़ियों को लगातार बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है।
एशियन गेम्स में मेडल की खास प्रेरणा एशियन गेम्स को लेकर हरमनप्रीत ने कहा कि यह क्रिकेटरों के लिए बिल्कुल अलग अनुभव होगा। उन्होंने कहा कि अब तक टीम ज्यादातर आईसीसी टूर्नामेंट में किसी ट्रॉफी के लिए खेलती रही है, लेकिन एशियन गेम्स में पदक जीतने का लक्ष्य अतिरिक्त प्रेरणा देता है।उन्होंने दूसरे खेलों के खिलाड़ियों से मिलने और उनकी तैयारियों तथा दिनचर्या को समझने को भी इस अनुभव का अहम हिस्सा बताया। उनके अनुसार, एशियन गेम्स सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि दूसरे खेलों से सीखने का भी अवसर देंगे।गोल्ड मेडल बचाने की चुनौतीहरमनप्रीत ने कहा कि पिछली बार भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में शानदार और एकतरफा जीत हासिल की थी, इसलिए इस बार भी उससे उसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी।उन्होंने माना कि देश को क्रिकेट से एक और स्वर्ण पदक की उम्मीद होगी, जिससे दबाव स्वाभाविक है। हालांकि, उनका मानना है कि दबाव के बजाय खिलाड़ियों को अपनी तैयारियों और उस प्रक्रिया पर ध्यान देना चाहिए जिसके जरिए लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।उन्होंने बताया कि फिटनेस और ट्रेनिंग कैंप अच्छे चल रहे हैं और टीम के खिलाड़ी पूरी तरह केंद्रित हैं।लॉर्ड्स की जीत को बताया सपने जैसा अनुभवलॉर्ड्स में टेस्ट जीत को याद करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि वहां टेस्ट मैच खेलना किसी भी क्रिकेटर का सपना होता है और भारतीय टीम की कप्तानी करना उनके लिए उससे भी बड़ा सपना था।उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स में खेलने का अनुभव उनके लिए बिल्कुल अलग रहा। भारत ने कई मैच और टूर्नामेंट जीते हैं, लेकिन लॉर्ड्स की जीत से जुड़ी भावनाएं लंबे समय तक बनी रहीं और आज भी टीम उस मुकाबले के चार दिनों को याद करती है।हरमनप्रीत ने कहा कि उन्होंने बचपन से अपने आदर्श खिलाड़ियों को भारत के लिए जीत हासिल करते देखा था, लेकिन लॉर्ड्स में मिली जीत ने उन्हें ऐसा अनुभव दिया जिसे उन्होंने पहले कभी महसूस नहीं किया था। उन्होंने इस अवसर के लिए आभार जताते हुए भविष्य में भी ऐसे अनुभव हासिल करने की उम्मीद व्यक्त की।







