Police claim evidence of fraud and extortion against Belsand MLA Amit Ranu, and are preparing to arrest him and his brother.

सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले के बेलसंड से एलजेपी (आर) विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह के खिलाफ पुलिस ने जालसाजी, रंगदारी और जबरन जमीन कब्जाने से जुड़े मामलों में साक्ष्य मिलने का दावा किया है। जिले के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी।

एसएसपी के अनुसार, विधायक अमित रानू और उनके भाई के खिलाफ जेसीबी के जरिए करीब 25 लोगों के मकानों और बॉउंड्री को तोड़ने के मामले में गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। पुलिस दोनों के खिलाफ न्यायालय से वारंट लेने के लिए आवेदन करेगी। इसके लिए केस डायरी तैयार कर ली गई है और अदालत के समक्ष वीडियो साक्ष्य भी प्रस्तुत किए जाएंगे।

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पुलिस के मुताबिक, मामला जमीन पर कब्जे और कथित रंगदारी से जुड़ा है। घटना के दौरान विधायक के भाई के पार्टी का झंडा लगी कार से मौके पर पहुंचने और उसके साथ बड़ी संख्या में लोगों के मौजूद होने की बात सामने आई है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मौके पर मौजूद लोगों की पहचान कर रही है।

आरोप है कि विधायक के भाई और उसके साथियों ने जेसीबी के जरिए जमीन पर जबरन कब्जे का प्रयास किया तथा इस दौरान मारपीट भी हुई। पीड़ितों की ओर से घटना का वीडियो पुलिस को उपलब्ध कराया गया था, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।

एसएसपी ने बताया कि अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी जिलों में इस पूरे प्रकरण से जुड़े 25 मामले दर्ज हैं। इनमें आठ मामलों में विधायक अमित रानू और उनके भाई अभिनव उर्फ सोनू सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है।

पुलिस ने विधायक के घर हुई छापेमारी के दौरान कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से अभद्र व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में अलग प्राथमिकी भी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, मोबाइल लोकेशन के आधार पर सोनू सिंह के भिखनपुरा में छिपे होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद वहां छापेमारी की गई।

एसएसपी ने कहा कि विधायक के खिलाफ रुन्नीसैदपुर थाने में रंगदारी, जबरन वसूली और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित मामला पहले से दर्ज है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।