राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर भाजपा ने कार्यकर्ताओं के सम्मान को बताया प्राथमिकता
The BJP has cited respect for party workers as a priority regarding Rajya Sabha candidates.

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए आठ प्रत्याशियों के नामांकन के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि पार्टी ने लंबे समय तक संगठन और जनता के बीच जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को राज्यसभा जाने का अवसर देकर उनका सम्मान किया है। भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए इसे संगठन के सामान्य कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश बताया।

शलभ मणि त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन के लिए लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को भी पार्टी में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

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भाजपा विधायक के मुताबिक पार्टी का कार्यकर्ता यह भरोसा रखता है कि उसके परिश्रम और संगठन के प्रति योगदान को नेतृत्व पहचानता है। उन्होंने राज्यसभा के लिए घोषित उम्मीदवारों को इसी सोच का उदाहरण बताया और कहा कि इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा।

इस दौरान त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ नारे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने सपा की राजनीति पर परिवारवाद, धनबल और अपराध को लेकर आरोप लगाए। हालांकि ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें भाजपा नेता के बयान के रूप में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने भाजपा और सपा की कार्यशैली की तुलना करते हुए दोनों दलों से जुड़े कई नेताओं के नाम भी गिनाए। त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा में संगठन के लिए लंबे समय से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को राजनीतिक जिम्मेदारियां और प्रतिनिधित्व देने की परंपरा है।

राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नामांकन के बीच भाजपा की ओर से कार्यकर्ताओं के सम्मान का मुद्दा सामने रखा जाना संगठनात्मक राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का कहना है कि जमीनी कार्यकर्ताओं को उच्च सदन में प्रतिनिधित्व मिलने से संगठन में सक्रिय सामान्य कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का भरोसा मिलेगा।

वहीं, राज्यसभा चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हैं और प्रत्याशियों के नामांकन के साथ प्रदेश की राजनीतिक हलचल भी बढ़ी है।