दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में बैलाडीला के डिपॉजिट-13 और नंदराज पर्वत क्षेत्र में खनन गतिविधियों तथा प्रस्तावित पेड़ कटाई के विरोध में ग्रामीणों ने फिर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। संयुक्त पंचायत जन संघर्ष समिति ने विरोध को व्यापक बनाने के लिए गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को आंदोलन से जोड़ने का फैसला किया है।
तामोड़ी गांव में हुई समिति की बैठक में गमपुर, डोलीगुड़ा और हिरोली समेत 18 गांवों के ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। बैठक में नंदराज पर्वत के संरक्षण, जंगलों की सुरक्षा और क्षेत्र में प्रस्तावित खनन गतिविधियों को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। पर्यावरण बचाओ मंच, मूलवासी बचाओ मंच और आदिवासी समाज के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।
ग्रामीणों का कहना है कि खनन गतिविधियों से पहाड़ और जंगल प्रभावित हो सकते हैं। समिति का आरोप है कि डिपॉजिट-13 की पहाड़ी तक पहुंच मार्ग तैयार करने के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 7200 पेड़ों की कटाई की अनुमति मिलने की बात सामने आई है और वन विभाग की ओर से पेड़ों की मार्किंग भी की गई है। समिति ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध तेज करने की बात कही है।
डिपॉजिट-13 को लेकर समिति पहले भी आंदोलन कर चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार पुराने आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया था और एनएमडीसी की गतिविधियां भी प्रभावित हुई थीं। समिति ने उस आंदोलन से कंपनी को आर्थिक नुकसान होने का दावा किया था।
बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा के अधिकारों और उसकी भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने ग्रामसभा की कार्यवाही सार्वजनिक करने और पेड़ कटाई तथा जमीन से जुड़े निर्णयों की प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की। उनका कहना है कि क्षेत्र में किसी भी विकास या खनन गतिविधि से पहले स्थानीय समुदाय के अधिकारों और पर्यावरणीय प्रभावों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
समिति ने डिपॉजिट-13 और नंदराज पर्वत क्षेत्र को लेकर एनएमडीसी से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि मांगों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाया जाएगा। समिति जल्द ही आंदोलन की अगली तारीख और स्थान की घोषणा करेगी।







