पुणे। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार के दावे के बाद पुणे में चल रहा अभ्यर्थियों का सत्याग्रह राजनीतिक रूप लेता नजर आ रहा है। एसएम जोशी पुल पर जारी आंदोलन में अभ्यर्थी एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे समेत परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
रोहित पवार ने दावा किया है कि एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेज दिया है। उनका आरोप है कि इस्तीफे पर निर्णय नहीं लिया जा रहा है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इसे रोहित पवार के दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।
पवार का कहना है कि विद्यार्थियों की मुख्य मांग एमपीएससी अध्यक्ष को पद से हटाने की है और सरकार को इस मुद्दे पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने आंदोलन के दौरान सरकार से अभ्यर्थियों के साथ संवाद करने की भी अपील की है।
एमपीएससी को लेकर पुणे में अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। एसएम जोशी पुल पर चल रहे आंदोलन में अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग प्रमुख है, जबकि अन्य स्थानों पर परीक्षा के पैटर्न को लेकर अभ्यर्थियों के बीच अलग-अलग मांगें सामने आई हैं। इस वजह से आंदोलन कई समूहों में बंटा हुआ दिखाई दे रहा है।
अभ्यर्थियों की नाराजगी एमपीएससी की कार्यप्रणाली, कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े मामलों को लेकर भी है। इससे पहले राज्य सरकार ने एमपीएससी के सचिव महेंद्र हरपलकर को पद से हटा दिया था। सरकार ने परीक्षा संबंधी शिकायतों की जांच और अन्य मांगों पर भी कदम उठाए हैं, लेकिन अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी है।
इस बीच आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की भागीदारी से मुद्दा और अधिक राजनीतिक हो गया है। अभ्यर्थी अपनी मांगों पर स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार के सामने अब छात्रों की शिकायतों और एमपीएससी की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान करने की चुनौती है।







