नयी दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा, भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों के बीच वैश्विक व्यवस्था दबाव में है। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बहुपक्षवाद की भावना को मजबूत करना जरूरी है।
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की ‘हाई लेवल वीक’ बैठक से इतर ‘पार्टनर्स फॉर मल्टिलैटरलिज्म, इंटरनेशनल लॉ, पीस एंड प्रॉस्पेरिटी’ शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री जयशंकर ने कहा कि शांति एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई, उभरती प्रौद्योगिकी, विकास वित्त, आतंकवाद से मुकाबला, आपूर्ति शृंखला, आपदा प्रबंधन और महामारी की तैयारी जैसे मुद्दों का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
उन्होंने ईंधन, खाद्य, उर्वरक और वित्त से जुड़े संकटों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई। विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान बेहद जरूरी है।
श्री जयशंकर ने कहा कि नई तकनीकों और क्षमताओं के विकास के साथ उचित नियमों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जरूरत है। आपूर्ति में रुकावट तथा किसी एक स्रोत पर अत्यधिक निर्भरता के जोखिम को कम करने के लिए स्रोतों में विविधता लाने को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने बहुपक्षवाद को प्रभावी बनाने के लिए इसमें सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इसमें अधिक भागीदारी और पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित की जानी चाहिए।







