लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में उतरने का ऐलान किया है। हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाली मित्तल ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं, बल्कि जनता के साथ राजनीति करेंगी और लोगों की आवाज बनेंगी। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत उत्तर प्रदेश से करने की घोषणा की है।
दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में अपने राजनीतिक कदम का संकेत देते हुए कहा, “चलिए हिसाब मांगते हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य जनता से जुड़े मुद्दों और सवालों को उठाना है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, “हिसाब चाहिए, न्याय चाहिए, डरना नहीं है।”
मित्तल ने जनता के साथ खड़े होकर राजनीति करने की बात कही है। हालांकि, उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल होंगी या स्वतंत्र रूप से अपनी राजनीतिक गतिविधियां संचालित करेंगी। उनके राजनीतिक पदार्पण के स्वरूप और आगामी रणनीति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं। वह मिर्जापुर और देवरिया सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। प्रशासनिक कार्यशैली और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को लेकर भी वह चर्चा में रही हैं।
वीआरएस लेने के बाद से ही उनके राजनीति में आने की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब उनके ताजा ऐलान के बाद इन चर्चाओं को विराम मिल गया है। उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से जनता से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाने की मंशा जाहिर की है।
उनके राजनीतिक ऐलान के बाद अब यह देखना होगा कि वह उत्तर प्रदेश की राजनीति में किस तरह की भूमिका निभाती हैं और अपने अभियान को किस स्वरूप में आगे बढ़ाती हैं। फिलहाल, किसी राजनीतिक दल से जुड़ने या चुनावी रणनीति को लेकर उनकी ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।







