पटना। बिहार की सियासत में इन दिनों हलचल तेज हो गई है और नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं अपने चरम पर हैं। इसी बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा बयान सामने आया है। मौका महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती समारोह का था, जहां उपेंद्र कुशवाहा ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए और सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी। खास तौर पर महिलाओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें विद्यालय जाने की स्वतंत्रता दिलाने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है। कुशवाहा ने बताया कि इस वर्ष ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती मनाई जा रही है, जिसे पूरे साल भर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी फुले के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है
राजनीतिक घटनाक्रम पर बोलते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने संकेत दिए कि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य बन चुके हैं और उनके इस्तीफे का समय वही तय करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी बैठक के बाद नए नेता का चुनाव होगा, जिसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, उन्होंने एनडीए में किसी भी प्रकार की खटपट से साफ इनकार किया और कहा कि गठबंधन में सब कुछ सामान्य है। जदयू के कुछ नेताओं द्वारा निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग पर उन्होंने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया। वहीं, “नीतीश युग के अंत” से जुड़े सवाल पर कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि “नीतीश मॉडल” ही आगे भी जारी रहेगा और उसी दिशा में सरकार कार्य करती रहेगी।







