बर्लिन: जर्मनी के सैक्सनी-अनहाल्ट राज्य में हुए संसदीय चुनाव में धुर-दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने बड़ी जीत दर्ज की है। प्रारंभिक चुनावी नतीजों के अनुसार AfD को 43.8 प्रतिशत वोट मिले हैं और वह राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
क्षेत्रीय चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (CDU) 17.2 प्रतिशत मतों के साथ दूसरे स्थान पर रही। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ जर्मनी (SPD) को 9.3 प्रतिशत वोट मिले, जबकि ग्रीन्स को 8.9 प्रतिशत और द लेफ्ट को 8.6 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।
सह्रा वागेनक्नेख्त अलायंस (BSW) ने भी पांच प्रतिशत की चुनावी सीमा पार कर ली। पार्टी को 5.3 प्रतिशत वोट मिले हैं। रविवार को हुए चुनाव में 16 राजनीतिक दलों और 398 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। चुनाव में मतदान प्रतिशत 77.8 रहा।
जर्मनी की राजनीति पर पड़ेगा असर
राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, सैक्सनी-अनहाल्ट के नतीजे केवल राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं रहेंगे। 20 सितंबर को बर्लिन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और मेक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न में होने वाले चुनावों पर भी इन परिणामों का असर पड़ सकता है। माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे जर्मनी के व्यापक राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।
AfD के प्रदर्शन के बाद ऑस्ट्रिया की फ्रीडम पार्टी (FPÖ) ने पार्टी और उसके प्रमुख उम्मीदवार उलरिच सीगमंड को बधाई दी। FPÖ ने सैक्सनी-अनहाल्ट में AfD की जीत को जनता की ओर से राजनीतिक बदलाव के समर्थन के रूप में बताया।
FPÖ ने अपने बयान में कहा कि जर्मनी में दिखाई दे रहा राजनीतिक बदलाव सीमाओं से परे भी असर डाल रहा है और ऑस्ट्रिया में भी देशभक्तिपूर्ण बदलाव की दिशा में इसका प्रभाव देखा जा सकता है।
सैक्सनी-अनहाल्ट में AfD के मजबूत प्रदर्शन को जर्मनी की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। आने वाले चुनावों में इस परिणाम का प्रभाव किस तरह दिखाई देता है, इस पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर बनी हुई है।








